” राज किसान साथी” पोर्टल

राज किसान साथी पोर्टल किसान का डिजिटल प्लेटफार्म

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“राज किसान साथी “पोर्टल किसानों को एक ही स्थान पर उनकी जरूरत की योजनाओं का ऑनलाइन आवेदन की सुविधा और सूचनाये उपलब्ध करवाने के लिए बनाया गया है l

राज किसान साथी पोर्टल में कृषि, उद्यान, कृषि विपणन, पशुपालन विभाग व स्टेट सीड्स कार्पोरेशन, या राज्य जैविक प्रमाणीकरण संस्था आदि शामिल किये गये हैं। “राज किसान साथी” पोर्टल पर आवेदन से लेकर अनुदान के भुगतान तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। इससे आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी, पारदर्शिता व समयबद्धता सुनिश्चित हो सकेगी। कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिये ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल कर दिया गया है। अब किसान स्वयं या ई-मित्र पर जाकर आवेदन कर सकता है।
​”राज किसान साथी” पोर्टल पर जनाधार के माध्यम से आवेदन किया जाता है। आवेदक के आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है इससे आवेदक की वास्तविकता सुनिश्चित हो जाती है। आवेदन के समय सबसे पहले आवेदन संबंधी निर्देश आवेदक को दिखाई देते हैं जिसमें पात्रता आवश्यक दस्तावेज व अनुदान की प्रक्रिया का विवरण होता हैं।
​अब “राज किसान साथी” पोर्टल पर सरल व छोटा आवेदन फॉर्म है। अब जनाधार से ही किसान का फोटो, पता और बैंक खाता का विवरण अपने आप आवेदन में आ जाता है। केवल जमाबंदी व नक्शा ट्रेस अपलोड करना पड़ता है। कृषि यंत्र के लिये लघु/सीमान्त श्रेणी के लिये प्रमाण-पत्र तथा ट्रैक्टर चलित यंत्र के मामले में ट्रैक्टर का पंजीयन पत्र या सहमति पत्र भी आवेदन के समय चाहिये। ऑनलाइन आवेदन जमा करने के साथ ही विभाग के कार्यालय में संबंधित अधिकारी के पास पहुँच जाता है। अधिकारी भी आवेदन की जाँच करके ऑनलाइन ही फील्ड कार्मिक को भौतिक सत्यापन के लिये भेज देते है। फील्ड कार्मिक मोबाइल-ऐप के द्वारा सत्यापन के समय आवेदक के फोटो सहित जियोटैगिंग करके ऐप के माध्यम से एक क्लिक द्वारा ही कार्यालय को भेज देते हैं। संबंधित अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर भी तत्काल हो जाते हैं। इस तरह अब बहुत ही कम समय में प्रक्रिया पूरी हो जाती है। भुगतान के लिये वित्तीय स्वीकृति भी ऑनलाइन जारी करके आवेदक के जनाधार से जुड़े खाते में भुगतान का प्रावधान किया गया है। आवेदक किसान को अनुदान प्रक्रिया के हर एक चरण में आवेदन की स्थिति व भुगतान की सूचना मोबाइल संदेश (एस.एम.एस.) के माध्यम से मिलती है। आवेदन की जाँच के दौरान यदि आवेदन में कोई कमी रह जाती है तो कमी की पूर्ति के लिये आवेदन किसान को वापस भेज दिया जाता है ताकि किसान उसकी पूर्ति कर 15 दिन के अन्दर पुनः ऑनलाइन भेज दें। इस हेतु मोबाइल (एस.एम.एस.) संदेश भी भेजा जाता है।

राज किसान साथी पोर्टल से किसान बना सक्षम


​”राज किसान साथी” पोर्टल पर बीज उत्पादक किसानों के लिये भी ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है।
​जैविक खेती करने वाले किसान व जैविक उपज के व्यापारी के लिये राज किसान जैविक, क्रेता-विक्रेता मोबाइल ऐप बनाया गया है। दोनों आपस में तय कर जैविक उपज की बिक्री व खरीद कर सकेंगे।
​कृषि संबंधी योजनाओं की जानकारी के लिये “राज किसान सुविधा” मोबाइल ऐप बनाया गया है। इस मोबाइल ऐप में कृषि व बागवानी की विभिन्न योजनाओं की जानकारी है जिसमें गतिविधि का उद्देश्य, देय लाभ, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज व अनुदान की प्रक्रिया का विवरण है। योजनाओं के साथ-साथ पोर्टल पर कृषि यंत्र किराया केन्द्र, कृषि उपज मंडी, गोदाम, बीज विधायन केन्द्र, मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला, जैविक उपज के उत्पादक, खरीदार व प्रसंस्करण इकाइयों की जानकारी भी उपलब्ध करवाई गई है।

​ कृषि प्रसंस्करण व्यापार व निर्यात नीति के तहत ऐसे कृषक व उद्यमी जो प्रसंस्करण इकाई लगाना चाहते है, कृषि उपज का व्यापार या निर्यात करना चाहते हैं, उनके लिये भी राज किसान साथी पोर्टल पर आवेदन की सुविधा है।

राज किसान साथी पोर्टल को किसान लॉगिन विकल्प चुनने पर जन आधार से जिस सदस्य के नाम जमीन है उससे लॉगिन कर आवेदन करे
जनाधार सुची में जमीन की खातेदारी वाले सदस्य को चुने


​इस पोर्टल पर खेत तलाई (फार्म पौण्ड), सिंचाई पाइपलाइन, जल हौज, डिग्गी, कृषि यंत्र, कृषि में अध्ययनरत छात्राओं को प्रोत्साहन राशि के लिये आवेदन की सुविधा है। उद्यानिकी की ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर, मिनी स्प्रिंकलर, रेनगन, माइक्रो स्प्रिंकलर, ग्रीन हाउस, शेडनेट व वॉक-इन-टनल के लिये आवेदन की सुविधा है।
​बीटी कपास के विक्रेताओं, ड्रिप, स्प्रिंकलर, सिंचाई पाइप लाइन के निर्माताओं का पंजीकरण तथा बीज, उर्वरक व कीटनाशी की बिक्री / निर्माण के लिये प्राधिकार पत्र (लाइसेन्स) अब ऑनलाइन राज किसान साथी पोर्टल के माध्यम से ही जारी करने की व्यवस्था की गई है।
​इस तरह अब राज किसान साथी पोर्टल से सुगमता बढ़ रही है तथा पारदर्शिता के साथ काम में भी तेजी आ रही है l

निष्कर्ष: ‘राज किसान साथी’ पोर्टल ने डिजिटल माध्यम से किसानों तक सुविधाएँ पहुँचाने के काम में तेजी ला दी है। लेकिन भ्रष्टाचार और बिचौलियों की दखलंदाजी को पूरी तरह खत्म करने के लिए किसानों को बड़े स्तर पर जागरूक करना बहुत जरूरी है। एक सशक्त जागरूकता अभियान से ही इस योजना का अधिकतम लाभ हर किसान तक सुनिश्चित किया जा सकता है।

” किसान उत्पादक संगठन (FPO) “” किसान उत्पादक संगठन (FPO) “

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