एफपीओ पंजीकरण

किसान उत्पादक संगठन के (एफपीओ) पंजीकरण की digital FPO द्वारा सम्पूर्ण A-Z नवीनतम जानकारी

भारत सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘10,000 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के गठन और संवर्धन’ की नई केंद्रीय क्षेत्र योजना (Central Sector Scheme) लागू की गई है। इस नई नीति के तहत एफपीओ को अब कॉर्पोरेट स्तर की मान्यता दी जा रही है।


​एफपीओ का कानूनी पंजीकरण मुख्य रूप से मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (MCA) के पोर्टल पर एक “निर्माता कंपनी” (Producer Company) के रूप में किया जाता है। नीचे नई नीति के तहत एफपीओ पंजीकरण की कानूनी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज़ और एमसीए पोर्टल के नए आवेदन प्रारूप की विस्तृत जानकारी दी गई है।


​एफपीओ का कानूनी ढांचा और अधिनियम


​एफपीओ पंजीकरण की नई नीति के तहत एफपीओ को एक कानूनी इकाई के रूप में पंजीकृत करना अनिवार्य है। एमसीए पोर्टल पर इसका पंजीकरण कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत किया जाता है।


​संबंधित कानून: कंपनी (संशोधन) अधिनियम, 2020 के माध्यम से कंपनी अधिनियम, 2013 में एक नया अध्याय XXIA जोड़ा गया है। इसकी धारा 378A से 378ZU विशेष रूप से ‘निर्माता कंपनियों’ (Producer Companies) को नियंत्रित करती है।


​न्यूनतम आवश्यकताएं: एक एफपीओ (निर्माता कंपनी) बनाने के लिए कम से कम 10 व्यक्ति (किसान/उत्पादक) या 2 उत्पादक संस्थाएं, या दोनों का संयोजन होना चाहिए।
​निदेशक (Directors): कंपनी में कम से कम 5 निदेशक (Directors) और अधिकतम 15 निदेशक होने चाहिए।
​पूंजी (Capital): कंपनी की न्यूनतम चुकता पूंजी (Paid-up Capital) 15 लाख रुपये होनी चाहिए।

​​एफपीओ पंजीकरण का एमसीए (MCA) पोर्टल पर नया ऑनलाइन आवेदन प्रोसेस

एफपीओ पंजीकरण प्रक्रिया पांच चरण जो आसानी से पुरे करके नया किसान उत्पादक संगठन बनाया जा सकता है


​एमसीए ने व्यापार में सुगमता (Ease of Doing Business) के लिए ​एफपीओ पंजीकरण/कंपनी पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया है। एफपीओ का पंजीकरण अब SPICe+ (Simplified Proforma for Incorporating Company Electronically Plus) फॉर्म के माध्यम से किया जाता है।


​चरण 1: डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) प्राप्त करना


​एमसीए पोर्टल पर सभी दस्तावेज़ इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा होते हैं। इसलिए, प्रस्तावित एफपीओ के सभी निदेशकों (Directors) और प्रमोटरों के पास कक्षा-3 (Class 3) का डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है।
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चरण 2: SPICe+ (Part A) के माध्यम से नाम का आरक्षण


​​एफपीओ पंजीकरण का एमसीए पोर्टल पर लॉग इन करके SPICe+ फॉर्म के ‘Part A’ में कंपनी के नाम का आवेदन किया जाता है।
​नाम के अंत में “Producer Company Limited” लगा होना अनिवार्य है (जैसे: किसान विकास एग्रीकल्चर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड)।
​आप एक साथ दो नामों का विकल्प दे सकते हैं। एमसीए अप्रूवल के बाद यह नाम 20 दिनों के लिए आरक्षित रहता है।

​चरण 3: SPICe+ (Part B) के तहत निगमन (Incorporation)


​नाम आरक्षित होने के बाद, ‘Part B’ भरा जाता है। यह एक एकीकृत फॉर्म है जो एक साथ कई सेवाएं प्रदान करता है:
​DIN (Director Identification Number): नए निदेशकों के लिए DIN का आवंटन।
​PAN और TAN: एफपीओ का पैन और टैन कार्ड जनरेट करना।​निदेशकों की जानकारी: सभी निदेशकों और प्रमोटरों का व्यक्तिगत और पता विवरण।
​पूंजी का विवरण: अधिकृत (Authorized) और चुकता (Paid-up) पूंजी की जानकारी।


​चरण 4: e-MOA और e-AOA तैयार करना


​MOA (Memorandum of Association – INC 33): इसमें एफपीओ के मुख्य उद्देश्यों (किसानों को बीज देना, उपज बेचना, मशीनरी उपलब्ध कराना आदि) का उल्लेख होता है।
​AOA (Articles of Association – INC 34): इसमें एफपीओ के आंतरिक नियम और संचालन की नीतियां दर्ज होती हैं।
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चरण 5: AGILE-PRO-S (INC 35) फॉर्म भरना


​यह फॉर्म एफपीओ को एक साथ कई अन्य सरकारी पंजीकरण प्रदान करता है:
​जीएसटी (GST) पंजीकरण
​ईपीएफओ (EPFO) और ईएसआईसी (ESIC) पंजीकरण
​बैंक खाता खोलने के लिए आवेदन
​शॉप एंड एस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन
​सभी फॉर्म भरने के बाद, इन्हें डाउनलोड करके सभी निदेशकों के डिजिटल सिग्नेचर (DSC) और एक पेशेवर (CA/CS/CMA) के हस्ताक्षर लगाए जाते हैं और एमसीए पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाता है।

एफपीओ ​पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज़ (Document Checklist)


​​एफपीओ पंजीकरण के लिए एमसीए पोर्टल पर आवेदन करते समय प्रमोटरों, निदेशकों और पंजीकृत कार्यालय से संबंधित निम्नलिखित दस्तावेज़ अपलोड करने होते हैं:


​1. निदेशकों और प्रमोटरों के दस्तावेज़ (KYC)


दस्तावेज़ का नामविवरण और शर्तें
पैन कार्ड (PAN)सभी निदेशकों और प्रमोटरों का पैन कार्ड (स्व-प्रमाणित)।
पहचान प्रमाणआधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट, या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक।
पता प्रमाणबैंक स्टेटमेंट, बिजली का बिल, या मोबाइल बिल (2 महीने से अधिक पुराना नहीं)।
किसान होने का प्रमाणखसरा-खतौनी, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), या सरपंच/पटवारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र (यह साबित करने के लिए कि वे प्राथमिक उत्पादक हैं)।
पासपोर्ट साइज फोटोसभी निदेशकों की हालिया रंगीन तस्वीरें।

  1. पंजीकृत कार्यालय (Registered Office) के दस्तावेज़

दस्तावेज़ का नाम विवरण और शर्तें
कार्यालय का पता प्रमाणबिजली का बिल, गैस बिल, या पानी का बिल (2 महीने से पुराना नहीं)।

स्वामित्व का प्रमाण
यदि जगह किराए पर है, तो रेंट एग्रीमेंट और मालिक का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC)। यदि खुद की है तो प्रॉपर्टी टैक्स रसीद या रजिस्ट्री।

  1. कानूनी घोषणाएं (Declarations)
    ​INC-9 (Declaration by Subscribers): यह प्रमाणित करने के लिए कि प्रमोटर किसी भी कॉर्पोरेट धोखाधड़ी में दोषी नहीं ठहराए गए हैं।

​DIR-2 (Consent to act as Director): निदेशकों द्वारा पद संभालने की लिखित सहमति।

​नई नीति (Central Sector Scheme) के तहत एफपीओ को मिलने वाले लाभ

​एक बार जब एफपीओ एमसीए पोर्टल पर सफलतापूर्वक पंजीकृत हो जाता है (Certificate of Incorporation प्राप्त कर लेता है), तो वह 10,000 FPO योजना के तहत निम्नलिखित लाभों का हकदार हो जाता है:

एफपीओ से लघु एवं सीमान्त किसानों को सम्पूर्ण लाभ का चार्ट में बताया गया है

​CBBOs (Cluster Based Business Organizations) का समर्थन:

सरकार द्वारा नियुक्त पेशेवर एजेंसियां एफपीओ को व्यापार योजना (Business Plan) बनाने, कानूनी अनुपालन और बाजार से जुड़ने में 5 साल तक मुफ्त तकनीकी मदद देती हैं।

​इक्विटी ग्रांट (Equity Grant): एफपीओ के किसान सदस्य जितनी शेयर पूंजी (Share Capital) जमा करते हैं, सरकार भी उतनी ही राशि (प्रति किसान अधिकतम ₹2,000 और प्रति एफपीओ अधिकतम ₹15 लाख) की मैचिंग इक्विटी ग्रांट एफपीओ के खाते में डालती है।

​क्रेडिट गारंटी सुविधा (Credit Guarantee Facility): बैंक या नाबार्ड (NABARD) से ₹2 करोड़ तक का संपार्श्विक-मुक्त (Collateral-free) लोन लेने पर सरकार उसकी क्रेडिट गारंटी लेती है।

​प्रशासनिक खर्च (Management Cost): शुरुआती 3 वर्षों तक एफपीओ को अपने सीईओ (CEO) की सैलरी, ऑफिस का किराया और अन्य प्रशासनिक खर्चों के लिए ₹18 लाख तक की वित्तीय सहायता मिलती है।

​एफपीओ पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने और Certificate of Incorporation (COI) मिलने के बाद, एफपीओ को 180 दिनों के भीतर एमसीए पोर्टल पर ‘फॉर्म INC-20A’ (व्यापार शुरू करने की घोषणा) दाखिल करना होता है। इसके बाद एफपीओ अपने व्यावसायिक संचालन, किसानों से उपज की खरीद और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाता है।

निष्कर्ष :
(किसान उत्पादक संगठन) एफपीओ पंजिकरण प्रक्रिया सरल और ऑनलाइन है लेकिन किसान वर्ग के लिए कम्पनी अधिनियम के नियम पालन करना कठिन ही नही मुश्किल है जब तक एफपीओ के नियमों में सरलीकरण नहीं होगा तब तक वास्तविक किसान सदस्यों से प्रबन्धन और संचालन नहीं होगा और एफपीओ केवल नाम मात्र व्यापार-कारोबार में सीमिट कर रह जायेंगे I

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